प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में कुवैत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान कुवैत के बायन पैलेस में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। इस सम्मान के साथ, प्रधानमंत्री को गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो भारत और कुवैत के बीच बढ़ते आपसी संबंधों और घनिष्ठ साझेदारी का प्रतीक है। यह सम्मान एक ऐतिहासिक अवसर था, जिसने भारत और कुवैत के बीच संबंधों को नई मजबूती दी है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कुवैत के साथ भारत के बहुस्तरीय संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी। यह सम्मान, जिसे केवल विशेष व्यक्तियों को ही प्रदान किया जाता है, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उनके द्वारा वैश्विक स्तर पर स्थापित की गई साख को रेखांकित करता है।
मोदी का अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ता प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान उनकी कुवैत यात्रा के अंतिम दिन प्रदान किया गया, जो उनके अंतरराष्ट्रीय सम्मान सूची में 20वें स्थान पर है। इससे पहले भी उन्हें संयुक्त अरब अमीरात का ‘जायद मेडल’, रूस का ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू’, और सऊदी अरब का ‘किंग अब्दुल अजीज सशक्त सम्मान’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।

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इन सम्मानों से यह स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व न केवल भारत के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी व्यापक प्रभाव डाल रहा है। उनका दृष्टिकोण और उनकी विदेश नीति ने भारत को एक मजबूत और विश्वसनीय साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया है। मोदी ने न केवल भारत के संबंधों को मजबूत किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ का महत्व और इतिहास
‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ कुवैत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसे राष्ट्राध्यक्षों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने वैश्विक शांति, मित्रता और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
यह सम्मान अब तक दुनिया के कई प्रमुख नेताओं को प्रदान किया जा चुका है। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सूची में शामिल करना इस बात का प्रतीक है कि भारत और कुवैत के बीच का रिश्ता कितना मजबूत और गहरा हो चुका है। यह सम्मान न केवल मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व का सम्मान है, बल्कि यह भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और कुवैत के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों का प्रमाण भी है।
भारत-कुवैत संबंध: एक पुरानी साझेदारी
कुवैत और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों की जड़ें ऐतिहासिक रूप से बहुत गहरी हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक लंबा इतिहास है। कुवैत में भारतीय प्रवासियों का एक बड़ा समुदाय है, जो कुवैत की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

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भारतीय समुदाय ने वहां स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण और सेवा क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाई है। कुवैत में लगभग दस लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो भारत को हर साल बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भेजते हैं। यह दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को कुवैत और भारत के बीच एक मजबूत कड़ी बताया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। कुवैत ने भारत के साथ व्यापारिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की इच्छा व्यक्त की है।
सम्मान का प्रभाव: द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय
यह सम्मान भारत और कुवैत के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत और कुवैत के बीच सालाना 11 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है, जिसमें तेल और गैस जैसे प्रमुख उत्पाद शामिल हैं। कुवैत भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में एक अहम भूमिका निभाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल सम्मान ग्रहण करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कुवैत के नेतृत्व के साथ व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर बात की।
कुवैत का यह कदम दर्शाता है कि वह भारत को अपने एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देखता है। यह सम्मान भविष्य में दोनों देशों के बीच और अधिक मजबूत साझेदारी का आधार बनेगा।
निष्कर्ष: भारत की बढ़ती साख का प्रतीक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुवैत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ प्रदान किया जाना, भारत की वैश्विक साख और उसकी अंतरराष्ट्रीय भूमिका का प्रमाण है। यह सम्मान न केवल मोदी के नेतृत्व की सराहना है, बल्कि यह भारत के प्रति विश्व समुदाय के बढ़ते सम्मान और विश्वास को भी दर्शाता है।
कुवैत के इस सम्मान ने भारत-कुवैत के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा दी है। यह घटना न केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के लिए भविष्य में और अधिक सहयोग और साझेदारी के द्वार खोलने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी का यह सम्मान भारतीय जनता और वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति को एक नई ऊंचाई पर ले गया है।
जय हिंद 🇮🇳
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