News24x7: अलेप्पो में विद्रोहियों का कब्जा – 300 से अधिक की मौत


सीरिया का अलेप्पो शहर एक बार फिर हिंसा और तबाही का गवाह बना है। वर्षों से चले आ रहे गृहयुद्ध में हाल के विद्रोहियों के हमले ने स्थिति को और भी खतरनाक बना दिया है। अब तक इस संघर्ष में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। अलेप्पो के हालात न केवल सीरिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।


विद्रोहियों का हमला: अलेप्पो में हालात क्यों खराब हुए?

अलेप्पो, जिसे कभी सीरिया का व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता था, अब युद्ध का मैदान बन चुका है। हाल ही में विद्रोहियों ने संगठित हमले करके शहर के कई हिस्सों पर कब्जा जमा लिया। इन हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए, जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं।

विद्रोहियों ने इन क्षेत्रों पर नियंत्रण पाने के लिए भारी मात्रा में हथियारों और गोलाबारूद का इस्तेमाल किया। इन हमलों के कारण राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार पर दबाव बढ़ गया है। सरकारी सेना और विद्रोही गुटों के बीच जारी हिंसा ने स्थानीय नागरिकों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

अलेप्पो में लोग अपनी जान बचाने के लिए अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। भोजन, पानी, और दवाओं की कमी ने स्थिति को और बदतर बना दिया है। राहत एजेंसियों के लिए इन संकटग्रस्त क्षेत्रों में मदद पहुँचाना लगभग असंभव हो गया है।


रूस का समर्थन: असद सरकार के लिए वरदान या संकट?

सीरिया में चल रहे इस संघर्ष में रूस की भूमिका महत्वपूर्ण है। रूस ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का समर्थन करते हुए विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। हालांकि, इन हमलों में कई बार आम नागरिकों को भी नुकसान पहुँचा है, जिससे रूस की नीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

रूस का दावा है कि वह आतंकवादी समूहों को खत्म करने के लिए यह कार्रवाई कर रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे तुरंत रोकने की अपील की है।

इन हमलों के बावजूद, विद्रोहियों का प्रभाव कम नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और असद सरकार के बीच यह गठजोड़ सीरिया में शांति स्थापित करने के बजाय हिंसा को और बढ़ावा दे रहा है।


अलेप्पो में मानवीय संकट की स्थिति

News24x7

अलेप्पो में जारी हिंसा ने एक गहरी मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है। हजारों लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। महिलाएँ, बच्चे, और बुजुर्ग विशेष रूप से इस संघर्ष में सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अलेप्पो के हजारों निवासियों को तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है। शहर में भोजन और पानी की कमी के कारण लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। चिकित्सा सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण घायल लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

राहत एजेंसियों ने शहर में मदद पहुँचाने की कोशिश की है, लेकिन विद्रोहियों और सरकारी सेनाओं के बीच जारी संघर्ष ने उनके प्रयासों को बाधित कर दिया है। कई बार राहत सामग्री को लक्षित कर हमले भी किए गए हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।


अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और शांति प्रयास

अलेप्पो में हो रही हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अमेरिका, यूरोपीय संघ, और अन्य देशों ने सीरिया में शांति स्थापित करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत का आह्वान किया है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी दी है कि यदि यह संघर्ष जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो इसके गंभीर और दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं। शांति प्रक्रिया को तेज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शक्तियों को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए विद्रोहियों, असद सरकार, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा। यदि बातचीत नहीं हुई, तो यह संघर्ष सीरिया की सीमाओं से बाहर भी फैल सकता है।


मानवता के लिए एक सीख: युद्ध का विकल्प शांति

अलेप्पो की त्रासदी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। यह संघर्ष केवल अलेप्पो के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक चेतावनी है।

शांति स्थापना के लिए जरूरी है कि सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारियों को समझें और आम नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दें। यह वक्त है कि दुनिया भर के नेता एकजुट होकर इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।


निष्कर्ष

अलेप्पो में विद्रोहियों के कब्जे और 300 से अधिक मौतों ने सीरिया में संघर्ष को और बढ़ा दिया है। यह घटना केवल सीरिया तक सीमित नहीं है; इसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।

अब समय आ गया है कि इस संकट को गंभीरता से लिया जाए। सभी पक्षों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बातचीत और सहयोग के माध्यम से समाधान निकालना होगा।

अलेप्पो का संकट इस बात का प्रतीक है कि हिंसा और युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता। केवल शांति और संवाद ही एक स्थायी समाधान प्रदान कर सकते हैं।


जय हिंद 🇮🇳

News24x7


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *