संभल की गलियां इन दिनों खामोश हैं, और हर कोने में तनाव पसरा हुआ है। मस्जिद पर सर्वे को लेकर छिड़ा विवाद अब एक गंभीर हिंसक रूप ले चुका है। घटना के बाद पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अब तक तीन लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।
मस्जिद सर्वे विवाद: एक नजर
मस्जिद पर दोबारा सर्वे को लेकर कुछ दिनों से माहौल गर्माया हुआ था। जैसे ही सर्वे शुरू हुआ, बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए जुट गए। इस दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
तीसरी मौत से बढ़ा तनाव

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इस विवाद में तीसरी मौत की पुष्टि ने पूरे शहर में चिंता बढ़ा दी है। मरने वालों में मोहम्मद सलीम शामिल हैं, जो स्थानीय निवासी थे। घायलों में 20 से अधिक पुलिसकर्मी और करीब दो दर्जन अन्य लोग शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
शहर बना छावनी
संभल में अब कर्फ्यू जैसे हालात हैं। बाजार और गलियां सुनसान हैं, और पुलिस बल हर गली में तैनात है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, और एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन लोगों में डर और तनाव अब भी बरकरार है।
घटना के पीछे का विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि मस्जिद पर हो रहे सर्वे को लेकर पहले से असहमति थी। मुस्लिम समुदाय इसे धार्मिक भावना से जुड़ा मामला बता रहा है, जबकि प्रशासन इसे ऐतिहासिक तथ्यों की पुष्टि का प्रयास कहता है। इसी असहमति ने सांप्रदायिक रंग ले लिया और हिंसा में बदल गई।
राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ताधारी दल ने हिंसा भड़काने वालों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जबकि विपक्ष ने सरकार पर सांप्रदायिकता बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस विवाद ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
संभल के लोग इस घटना से डरे हुए हैं। बाजार बंद हैं, और लोग घरों में कैद हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक माहौल का असर साफ झलकता है। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही इस विवाद को हल करने के प्रयास करने चाहिए थे।
प्रशासन के प्रयास और चुनौतियां

स्थिति सामान्य करने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। अब तक हिंसा में शामिल करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी पक्षों से बातचीत की जा रही है ताकि जल्द से जल्द शांति कायम हो सके।
संभल को चाहिए समाधान और अमन का पैगाम
संभल जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर को इस तरह की घटनाओं से बचाना चाहिए। हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं है। सभी पक्षों को बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने की जरूरत है।
इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक सांप्रदायिक मुद्दे हिंसा का कारण बनते रहेंगे। यह वक्त है अमन और भाईचारे का संदेश देने का, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हो सकें।
जय हिंद 🇮🇳
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