इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर गाजा पट्टी को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। इजराइल की ताजा बमबारी में अब तक 326 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 440 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अस्पतालों में जगह कम पड़ रही है और घायलों के इलाज के लिए चिकित्सा सुविधाएं संघर्ष कर रही हैं।
लगातार जारी हवाई हमलों से गाजा के कई हिस्सों में आवासीय इमारतें तबाह हो चुकी हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस युद्ध की आग में मासूम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, और चारों ओर डर और अनिश्चितता का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हालात को लेकर गहरी चिंता जताई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
हमास के ठिकानों पर 6 घंटे तक इजराइली हमले
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया कि उसने हमास के कई ठिकानों पर लगातार छह घंटे तक बमबारी की। इजराइल का कहना है कि यह हमला हमास के रॉकेट हमलों के जवाब में किया गया, जिनसे इजराइली नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।

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इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस सैन्य कार्रवाई में हमास के कई शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाया गया। सेना के मुताबिक, इन हमलों में हमास की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का प्रयास किया गया है।
गाजा में रहने वाले लोगों का कहना है कि हवाई हमलों ने शहर के कई हिस्सों को खंडहर में बदल दिया है। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, लेकिन चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है।
युद्धविराम पर संकट, चीन ने जताई चिंता
इजराइल के इस हमले के बाद युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। चीन ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संघर्ष को तुरंत रोका जाना चाहिए और फिलिस्तीनी जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इजराइल और हमास से संयम बरतने की अपील की है। कतर, मिस्र और अमेरिका युद्धविराम समझौते को बहाल करने के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते तनाव के कारण यह प्रयास सफल होता नहीं दिख रहा।
अस्पतालों में भीड़, घायलों के इलाज में संकट
गाजा के अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है और चिकित्सा सेवाओं पर भारी दबाव बना हुआ है। स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी के कारण घायलों का इलाज करना मुश्किल हो रहा है।
इसके अलावा, गाजा में बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर और अधिक संकट बढ़ गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कई गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पाएगा।
बंधकों की रिहाई पर असर, परिवारों में बढ़ी चिंता
इस संघर्ष के बीच सबसे ज्यादा चिंता बंधकों की रिहाई को लेकर बढ़ गई है। इजराइल और हमास के बीच जारी तनाव के कारण बंधकों के परिजनों में डर का माहौल है।

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हाल ही में कई राजनयिक प्रयासों के तहत युद्धविराम समझौते के जरिए कुछ बंधकों को रिहा किया गया था, लेकिन ताजा हमलों के बाद इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवारों का कहना है कि उन्हें अब यह नहीं पता कि उनके प्रियजन सुरक्षित वापस लौटेंगे या नहीं।
क्या युद्धविराम संभव है?
इजराइल और हमास के बीच यह संघर्ष लंबे समय से जारी है। कतर, मिस्र और अमेरिका जैसे देश शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार हिंसा की नई लहर इन प्रयासों को कमजोर कर देती है।
इजराइल का कहना है कि वह तब तक सैन्य अभियान जारी रखेगा जब तक उसे सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती। वहीं, हमास ने भी साफ कर दिया है कि वह इजराइली हमलों का जवाब देना जारी रखेगा।
इससे पहले भी कई बार संघर्षविराम लागू किए गए थे, लेकिन ये लंबे समय तक टिक नहीं पाए। अब यह देखना होगा कि क्या कोई ठोस समझौता हो सकता है या यह युद्ध और लंबा खिंचता जाएगा।
निष्कर्ष
गाजा में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार जारी हवाई हमलों से आम नागरिकों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी, बंधकों की रिहाई पर अनिश्चितता, और युद्धविराम पर संकट ने पूरे क्षेत्र को एक गंभीर मानवीय संकट की ओर धकेल दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटा हुआ है, लेकिन इजराइल और हमास के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए निकट भविष्य में शांति स्थापित होना मुश्किल नजर आ रहा है।
जय हिंद 🇮🇳
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